समर्पण की पहचान: शिक्षकीय कर्म का मिला सम्मान
दिनांक 02 फरवरी 2026
आज का दिन मेरे लिए अत्यंत गर्व और भावनाओं से भरा हुआ है। कन्या प्राथमिक विद्यालय गोबरही टोला में प्रधान शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए विद्यालय के पठन-पाठन, अनुशासन और समग्र संचालन में किए गए प्रयासों से प्रसन्न होकर गांव के ग्रामीणों एवं समाजसेवी श्री सुरेंद्र सिंह द्वारा मुझे सम्मानित किया गया। यह सम्मान मेरे लिए केवल एक प्रशस्ति नहीं, बल्कि मेरे कार्यों पर समाज की स्वीकृति और विश्वास का प्रतीक है।
वर्तमान समय में जहां अच्छे शिक्षकीय कार्यों की सराहना कम और विद्यालयी गतिविधियों का विरोध अधिक देखने को मिलता है, ऐसे माहौल में बीते पांच महीनों में विद्यालय के विकास कार्य, पढ़ाई-लिखाई में सुधार तथा विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों को पहचान मिलना मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव है। सच कहूं तो कभी यह कल्पना नहीं की थी कि कोई ग्रामीण स्वयं आगे बढ़कर मेरे कार्यों से प्रसन्न होकर मुझे सम्मानित करेगा।
मैं हृदय से समाजसेवी श्री सुरेंद्र सिंह का आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने मेरी कार्यशैली से प्रसन्न होकर मुझे यह सम्मान दिया। यह सम्मान मुझे आगे भी और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
— बी. के. भारतीय
प्रधान शिक्षक
कन्या प्राथमिक विद्यालय, गोबरही टोला

